रिपोर्टर/अमित कुमार
सकलडीहा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अधीक्षक डॉ0 संजय कुमार यादव ने शनिवार को पत्रकार वार्ता के दौरान बताया कि वर्तमान गर्म व ठंठ मौषम के कारण सबसे ज्यादा बच्चों के साथ बड़ो में भी आर्ईफ्लू का वायरस बहुत तेजी से फैल रहा है ।लेकिन इसको लेकर घबराने की जरूरत नहीं है। सतर्क रहकर आंखों के संक्रमण से खुद को बचा सकते हैं। यदि संक्रमण हो गया है तो तत्काल अपने नज़दीकी सामुदायिक स्वास्थ्य पर पहुच कर तत्काल चिकित्सक से सम्पर्क कर इलाज करायें। इस तरह के इलाज की पुख्ता व्यवस्था अपने सामुदायिक स्वास्थ्य पर उपलब्ध है। जाँच से लेकर दवा तक के इंतजाम मुफ्त है।इस दौरान उन्होंने बताया कि आईफ्लू के वायरस से सकलडीहा ही नही बल्कि पूरा प्रदेश प्रभावित है।इस हो रहे वायरस में विशेष सावधानी बरतने की भी सलाह दिया।वही शनिवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के सभी चिकित्सक के साथ एक बैठक के दौरान बताया कि संक्रमण से कोई भी प्रभावित मरीजों अपने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर आता है तो उसको बेहतर इलाज उपलब्ध कराया जाना चाहिए।
अपील
साथ ही आम जन मानस से भी अपील करते हुए बताया कि आईफ्लू की चपेट में सबसे ज्यादा बच्चे ही आ रहे है।जिसका मुख्य कारण बच्चे स्कूल व कॉलेज से पुनः घर आते है जिसके कारण घर के लोगो में भी इसका संक्रमण हो सकता है इस लिए सभी को सतर्क रहने की आवश्यकता है।यदि किसी बच्चे को आंखों का संक्रमण है। तो उसे अवकाश प्रदान करें। या वर्तमान स्थिति में स्वस्थ्य बच्चों को दूर बैठाएं।
घर मे हुए आईफ्लू मरीजों को अलग कमरे में रखे ताकि यह संक्रमण शेष अन्य घर मे किसी को अपने चपेट में ना ले सके।मरीजों को अलग कमरे में रखना व चिकित्सक की सलाह से सही समय पर दवा का इस्तेमाल करे। ताकि संक्रमण से दूसरे मरीजों को बचाया जा सके।वही उन्होंने बताया कि आइफ़्लू के मरीजों को इलाज के साथ क्या क्या सावधानी बरतें।आई फ्लू के लक्षण आंखें लाल होकर सूजन आना,आंखों में खून जैसा जमा होना,आखों में खुजली,दर्द और गड़न महसूस होना,आंखों से लगातार पानी आना,पलकों पर सूजन व खुजली होना,धुंधला नजर आना,पलकें आपस में बार बार चिपकना,तेज रोशनी खराब लगना ये है आइफ़्लू के विशेष पहचान।साथ ही बचने के ये है उपाय ,आंखों को गंदे हाथों से न छुएं,बच्चों को बार-बार आंखों को मलने व छूने से रोकें,आस-पास किसी को आई फ्लू की आशंका लगे तो अपने घर पहुचते ही अपने आंखों को साफ पानी से धोएं,ठंडे पानी से सिकाई करें,काले चश्मा का प्रयोग करे।साथ ही ये भी बताया कि अगर अपने घर मे किसी को आई फ्लू की दवा डालते हैं तो उसके बाद अपने हाथों को साबुन से धोएं।


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