रिपोर्टर/अमित कुमार सकलडीहा एसडीएम अनुपम मिश्रा की आश्वासन के बाद भी शनिवार को देर शाम तक सकलडीहा व्यापार मंडल चुनाव की अनुमति जारी नहीं हो पाया है। अनुमति को लेकर सुबह से शाम तक व्यापारी तहसील और थाने का चक्कर लगा रहे थे। अनुमति जारी नही होने पर तहसील और पुलिस प्रशासन पर प्रश्न चिन्ह खड़ा होगया है। जिसे लेकर व्यापारियों के बीच भारी आक्रोश है। शुक्रवार को व्यापारियों के प्रतिनिधि मंडल से एसडीएम ने शनिवार को अनुमति जारी करने का आश्वासन दिया था।
सकलडीहा व्यापार मंडल का चुनाव के लिये नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद चुनाव की तीन बार से अनुमति नही मिलने पर पूरे जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है। जबकि चुनाव को लेकर 800 सौ व्यापारियों ने व्यापार मंडल का सदस्यता लिया है। चुनाव को लेकर बीते 1 अक्तूबर को नामांकन हुआ था। जिसमें तीन उम्मीदवारों ने नामांकन किया था।
एक उम्मीदवार द्वारा नामांकन वापस लेने पर दो उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे। 15 अक्तूबर को चुनाव होना था मगर अनुमति नही मिलने पर पुन: संरक्षक मंडल और अध्यक्ष की ओर से 29 अक्तूबर और एक नवंबर को चुनाव के लिये तहसील प्रशासन से अनुमति मांगा। लेकिन तहसील प्रशासन ने दोनों तिथियों पर व्यापार मंडल चुनाव की अनुमति जारी नही किया। पुन: जिलाध्यक्ष और वर्तमान अध्यक्ष सहित दोनों प्रत्याशियों की ओर से 21 नवबंर को चुनाव के लिये आवेदन किया है। जिस पर तहसील प्रशासन की ओर से शनिवार को अनुमति जारी करने का भरोशा दिया गया था। देर शाम तक व्यापारी तहसील और थाने का चक्कर काट रहे थे। इस बाबत एसडीएम अनुपम मिश्रा ने बताया कि शीध्र ही चुनाव की अनुमति जारी किया जायेगा।
अनुमति को लेकर क्यों हो रहा टालमटोल
सकलडीहा व्यापार मंडल का चुनाव को लेकर तहसील और पुलिस प्रशासन द्वारा बार बार टालमटोल किया जा रहा है। जिसे लेकर व्यापारियों के बीच तहसील और पुलिस प्रशासन की भूमिका को लेकर सवाल उठने लगा है। जबकि व्यापार मंडल की चुनाव को लेकर व्यापारियो की ओर से चार बार सारे साक्ष्य उपलब्ध कराया गया है। व्यापारियों ने प्रशासन की भूमिका को लेकर आन्दोलन की चेतावनी दी है।

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