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गुरुवार, 4 जनवरी 2024

महिला शिक्षा एवं उत्थान के प्रति समर्पित थी सावित्रीबाई फुले: प्राचार्य

रिपोर्टर/अमित कुमार सकलडीहा सकलडीहा पीजी कॉलेज में बुधवार को पहली महिला शिक्षिका सावित्रीबाई फुले का जन्म दिवस समारोह के रूप में मनाया गया। इस अवसर पर प्राचार्य प्रोफेसर प्रदीप कुमार पांडेय ने सावित्रीबाई फुले जी के चित्र पर माल्यार्पण कर गोष्ठी का शुभारंभ किया।महाविद्यालय के प्रोफेसर उदय शंकर झा ,प्रोफेसर शमीम राईन ,डा दयाशंकर सिंह यादव डॉ अभय कुमार वर्मा आदि  प्राध्यापकों ने उनके जीवनी पर विस्तार से चर्चा किया ।
 प्राचार्य प्रोफेसर प्रदीप कुमार पांडेय ने बताया कि महान समाज सुधारक सावित्रीबाई फुले एक दार्शनिक के साथ-साथ कवित्री भी थी। उनकी कई रचनाएं अधिकतर प्रकृति शिक्षा जाति प्रथा को खत्म करने पर ही केंद्रित होती थी। उन्होंने अंतर जाति विवाह को बढ़ावा दिया।  वह भी तब जब देश में जाति प्रथा अपने चरम पर थी। सावित्रीबाई फुले का जीवन महिला सशक्तिकरण के लिए समर्पित था उन्होंने सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जमकर आवाज उठाई। प्रोफेसर राईन ने बताया कि उन्होंने अपने पति के सहयोग से 1848 में पुणे में लड़कियों के लिए स्कूल खोला जो देश में लड़कियों के नाम पर पहला स्कूल था। फूले दंपति ने देश में कुल 18 स्कूल खोलें । जिसमें ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी ने भी उनके इस योगदान के लिए सम्मानित किया। प्रोफेसर उदय शंकर झा ने उनके द्वारा सत्यशोधक समाज की स्थापना तथा बिना  दहेज के विवाह आयोजित करना आदि उनके द्वारा किए गए अनेक समाज सुधारक कार्य की चर्चा की। डा दयाशंकर सिंह यादव ने सावित्रीबाई फुले द्वारा उनके कथन जैसे- शिक्षा  से स्वर्ग का द्वार खुलता है और स्वयं को जानने का अवसर प्रदान करती है। उन्होंने भारतीय नारियों से उनके स्वाभिमान से जीने के लिए उनको पढ़ाई की तरफ मोड़ा और बताया पाठशाला ही इंसानों का सच्चा गहना है। स्त्रियां घर की शोभा ही नहीं अपितु अपने जीवन में शिक्षा का श्रृंगार कर अनेक क्षेत्रों में अपना नाम कमा सकती हैं। आज जब देश नारी सशक्ति करण ओर बढ़ रहा है। तब ज्योति बा फुले के तात्कालिक विचार आज फली भूत हो रहे हैं। आज महिलाएं कई क्षेत्रों में असंभव कार्य कर रही हैं। तथा देश का मान बड़ा रही है। इसका उदाहरण आकांक्षी जिला चंदौली में हमारे  महाविद्यालय से विश्वविद्यालय द्वारा घोषित  मेरिट लिस्ट में टॉप 10 टेन में द्वितीय एवं तृतीय स्थान लाने वाली छात्राएं महाविद्यालय का गौरव बढ़ा रही है।आज हम सभी उनके जन्मदिवस पर एकत्रित हो उनको याद कर धन्य है। कार्यक्रम का संचालन डॉक्टर अभय कुमार वर्मा ने किया। तथा धन्यवाद ज्ञापन कार्यालय अधीक्षक अरुण प्रकाश पाठक ने किया।


सकलडीहा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मुख्य मार्ग ABR पैथोलॉजी गरीबों के लिए विशेष छूट।

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