रिपोर्टर/अमित कुमार
सकलडीहा धानापुर को तहसील बनाये जाने को लेकर अधिवक्ताओं का आक्रोश थमने का नाम नही ले रहा है। शनिवार को अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य से विरत रहते हुए तहसील गेट पर विरोध प्रदर्शन किया। अधिवक्ताओं ने सकलडीहा तहसील में मुंसफी न्यायालय की स्थापना कराने की मांग किया।अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि सकलडीहा तहसील के राजस्व गांव को तोड़कर धानापुर में तहसील बनाये जाना ठीक नही है। जबकि धानापुर से सकलडीहा की दूरी सुलभ और नजदीक है। अधिवक्ताओं ने शासन प्रशासन से मांग किया कि धानापुर में तहसील के बजाय सकलडीहा में मुंसफी कोर्ट की स्थापना करा दिये जाने से दूर दराज के ग्रामीणों को न्याय पाने के लिये लम्बी दूरी और समय से निजात मिल जायेगा।
मुंसफी न्यायालय का सारा मानक सकलडीहा तहसील पूरा करता है। आक्रोशित अधिवक्ताओं ने छोटी छोटी तहसील बनाये जाने की प्रस्ताव का विरोध किया। चेताया कि जिला प्रशासन मांगों को गंभीरता से नही लिया तो अधिवक्ता उग्र आन्दोलन के लिये मजबूर होंगे। पूर्व में सकलडीहा तहसील के 54 गांव को पीडीडीयू नगर में शामिल करने से धूस और मवई परगना के ग्रामीणों को काफी समस्या होती है। पुन: राजनीतिक साजिश के तहत सकलडीहा तहसील को तोड़ने की प्रयास किया जा रहा है। इस मौके पर विरोध जताने वालों में बार अध्यक्ष अशोक मिश्रा, पूर्व अध्यक्ष नितिन तिवारी, पंकज सिंह,अजय कुमार सिंह, राजगोपाल सिंह, मनोज पांडेय,श्रीकांत सिंह,संतोष सिंह, अरून कुमार, रामराज यादव, दीनानाथ, अशोक यादव, रामअवध यादव, उपेन्द्र नारायण सिंह,अतुल तिवारी, सुरेन्द्र कांत मिश्रा, अरूण कुमार, सच्चिदानंद सिंह, संजय सिंह,अखिलेश तिवारी, प्रभु पाठक, अंकित तिवारी, आलोक मिश्रा,श्यामजी प्रसाद सहित अन्य अधिवक्ता मौजूद रहे।

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