रिपोर्टर/अमित कुमार सकलडीहा टिमिलपुर गांव के दर्जनों वनवासी परिवार वर्षो से सड़क के किनारे मिट्टी के रिहायसी मड़ई में रहने को मजबूर है। जबकि शासन की ओर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री आवास दिलाने की कवायद तेजी से किया जा रहा है। इसके बाद भी प्रधान से लेकर बीडीओ वनवासियों को आवास तो दूर भूमि का आवंटन तक नही करा पा रहे है।जिसे लेकर बनवासी जान जोखिम में डालकर रहने को मजबूर है।
तहसील और ब्लॉक मुख्यालय से चंद दूरी पर टिमिलपुर बनवासी बस्ती के दर्जनों परिवार सड़क के किनारे मुख्य मार्ग पर रहने को मजबूर है। जबकि तत्कालीन जिलाधिकारी ईशा दूहन शिव मंदिर के सुंदरीकरण कार्य का निरीक्षण के दौरान वनवासी महिलाओं को पीएम और सीएम आवास मुहैया कराने का अधिकारियों को निर्देशित किया था। तत्कालीन बीडीओ अरूण कुमार पांडेय ने सचिव व प्रधान के साथ गांव में पहुंचकर बनवासियों को आवास व भूमि आवंटन का आश्वासन दिया था। महीनों बाद भी वनवासियों को आवास तो दूर भूमि भी आवंटन भी नही हो पाया। जिसे लेकर बनवासियों में आक्रोश है। समाजसेवी गोंबिद सोनकर, अभय यादव, प्रदीप कुमार ने तहसील प्रशासन से वनवासियों को आवास दिलाने की मांग किया।
बनवासी बस्ती में प्लाटरों का दबदबा
बनवासी बस्ती के वासिंदों को गुमराह कर बिचौलिया ने प्लाटरों को औने पौने दाम में जमीन पर कब्जा करा दिया है। कुछ प्लाटरों ने बगैर परमिशन आवास और दुकान बना लिया है। तत्कालीन एसडीएम प्रदीप कुमार ने मामले को संज्ञान में लेते हुए जांच का निर्देश दिया था। स्थानांतरण के बाद मामला शांत होने से प्लाटरों का दबदबा बनी हुई है।

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