वाराणसी बालिकाओं में शिक्षा के साथ-साथ आत्मरक्षा और आत्मबल विकसित करना ही प्रशिक्षण का मूल उद्देश्य उक्त बातें जिला ग्राम्य विकास संस्थान, परमानंदपुर में सोमवार को वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई बालिका आत्मरक्षा विषयक 6 दिवसीय प्रशिक्षण वाराणसी के प्रथम बैच के उद्घाटन अवसर पर जिला प्रशिक्षण अधिकारी विमल कुमार सिंह ने कही।
उन्होंने प्रशिक्षुओं के बीच कहा की शासन के मंशा के अनुरूप यह प्रशिक्षण ग्यारह से चौदह वर्ष के स्कूली बालिकाओं को दिया जाना है। इसलिए वाराणसी जनपद के चिरईगांव, बड़ागांव, पिण्डरा और काशीविद्यापीठ ब्लाक के 49 व्यायाम शिक्षकों को यहां प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यही प्रशिक्षुगण अपने-अपने विद्यालय पहुंचकर बालिकाओं को आपात परिस्थितियों से निपटने के लिए आत्मरक्षार्थ कौशल विकसित करने का काम करेंगे। वहीं कार्यक्रम में उपस्थित जिला व्यायाम शिक्षक राजेश सिंह "दोहरी" ने कहा की समाज में बालिकाओं को आगे बढ़ाने के लिए उनमें भयमुक्त वातावरण बनाए रखने के लिए यह प्रशिक्षण बहुत ही महत्वपूर्ण है।
इसलिए सभी प्रशिक्षु पूरी निष्ठा के साथ यह प्रशिक्षण लेने का काम करें। जिससे सरकार की मंशा पूरी हो सके। इस दौरान मुख्य प्रशिक्षक मो. आज़ाद हुसैन और सहायक प्रशिक्षक सुमित कुमार ने प्रथम दिन प्रशिक्षण में आत्मरक्षा के कई कौशल को प्रैक्टिकल के माध्यम से बताया। प्रशिक्षण में सुरेश तिवारी, अमरनाथ द्विवेदी, सुरेश पाण्डेय, कैलाश नाथ यादव, धर्मेंद्र सिंह, हर्षित कुमार श्रीवास्तव, सरिता, स्वेता, प्रियंका, सरोज, गनेश दत्त यादव, चन्द्रशेखर सरोज, अरविन्द सिंह सहित आदि की उपस्थिति रही।

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