रिपोर्टर/अमित कुमार
सकलडीहा पीजी कॉलेज में सोमवार को एपीजे अब्दुल कलाम हाल में भारत विभाजन विधि का पर एक गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसकी अध्यक्षता प्रोफेसर प्रदीप कुमार पांडेय किया। इस मौके पर वक्ताओं ने विस्तार से चर्चा किया।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए प्रोफेसर प्रदीप कुमार पांडेय ने कहा कि आज देश आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है। ऐसी समय में विभाजन का दर्द ऐसी भयंकर टीस है।जो प्रत्येक भारतीय को रह रह कर कचोटती है । एक ऐसा विभाजन जो पूरी तरह से अस्वाभाविक और अप्राकृतिक था।
तात्कालिक राजनीतिक दलों के एकाधिकार वादी मनोवृति और हठधर्मिता, धार्मिक कट्टरवाद का परिणाम है। आज हम प्रत्येक भारतीयों को यह सोचने पर विवश करता है कि सर्वे भवंतु सुखिन: सर्वे संतु निरामया के परपाटी वाले देश में क्षेत्रवाद, जातिवाद, संप्रदायवाद,वर्गवाद,की संकीर्णता से ऊपर उठकर भारत की एकता एवं अखंडता हेतु प्रत्येक भारतवासी को अपना योगदान देना चाहिए। तथा विभाजन की विभीषिका का दंश झेल रहे परिवारों के प्रति अपनी अपनी गहरी संवेदना प्रकट करनी चाहिए। वही प्रोफेसर दयानिधि सिंह यादव ने कहां की विभाजन की विभीषिका देश के लिए पीड़ा दाई है,। गांधी के अथक प्रयासों के बाद भी सांप्रदायिक मतभेद मुख्य रूप से विभाजन का कारण बना। इस मौके पर वरीय कार्यक्रम अधिकारी राष्ट्रीय सेवा योजना जितेंद्र कुमार यादव,संदीप कुमार सिंह, डॉक्टर एमपी सिंह, डॉ अनिल तिवारी,डा.अभय वर्मा आदि मौजूद रहे।


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