रिपोर्टर/अमित कुमार सकलडीहा, शासन प्रशासन की ओर से लाखों रूपये खर्च करके गांवों में मिनी सचिवालय का निर्माण कराया गया है। जहां ग्रामीणों को ऑनलाइन सुविधा के साथ ब्लॉक और तहसील का चक्कर लगाने से निजात मिल सके। लेकिन विभागीय अधिकारी और ग्राम सभा की ओर से कोरमपूर्ति के कारण सुविधा तो दूर स्वच्छता अभियान को मुंह चिढ़ा रहा है। तहसील मुख्यालय का सकलडीहा मिनी सचिवालय कूड़ा करकट के अंबार से पटा पड़ा है। ग्राम विकास अधिकारी तो दूर पंचायत सहायक सहित कर्मचारियों के नही होने से शोपीश बनकर रह गया। मिनी सचिवालय की उपेक्षा के कारण लोगों में भारी आक्रोश है।
जिला से लेकर ब्लॉक तक मिशन संचारी अभियान के तहत स्वच्छता अभियान का ढ़िढ़ोरा पीटा जा रहा है। गांव से लेकर गली मुहल्ला को साफ सुथरा व सुंदर बनाये जाने का निर्देश है। इसके बाबजूद तहसील मुख्यालय का सकलडीहा मिनी सचिवालय कूड़ा करकट के अंबार से पटा होने के कारण खंडहर में तब्दील होगया है। सचिवालय की बाउंड्री पर उपली पाथा जा रहा है। परिसर में गांव की कूड़ा करकट का अंबार पड़ा हुआ है। सचिवालय का रख रखाव नही होने के कारण पूरे परिसर में जलभरॉव की स्थिती बनी हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम सभा और अधिकारियों की ओर से ध्यान नही देने के कारण आय जाति निवास सहित अन्य ऑन लाइन सुविधा के लिये चक्कर कांटना पड़ रहा है। शिकायत के बाद भी विभागीय अधिकारी अनजान बने हुए है। ग्रामीणों ने समस्या से निजात दिलाने का मांग किया है। इस बाबत एडीओ पंचायत बजरंगी पांडेय ने ग्रामीणों की शिकायत की जांच कर कार्रवाई की जायेगी।

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें