रिपोर्टर/अमित कुमार
सकलडीहा, कस्बा के टिमिलपुर में स्थित प्राचीन शिव सरोवर गंदगी के अंबार से पटा पड़ा हुआ है। आरोप है कि सरोवर में पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा गंदा नाला का पानी बहाया जा रहा है। जिसमें मूर्ति विर्सजन से लेकर छठ पूजा का त्योहार होता है। ऐसे में संक्रामक रोग होने व सरोवर का पानी दूषित होने से कस्बावासियों में आक्रोश है। तहसील प्रशासन से समस्या का निजात दिलाने की मांग किया है।
कस्बा के प्राचीन शिव सरोवर पर छठ महापर्व से लेकर शारदीय नवरात्र में दुर्गा मूर्ति का विर्सजन, जीयुतिया का व्रत महिलाओं द्वारा किया जाता है। इसके अलावा देव दिवाली पर गायत्री परिवार की ओर से दीपोत्सव का कार्यक्रम किया जाता है।
कस्बा के प्राचीन शिव सरोवर पर छठ महापर्व से लेकर शारदीय नवरात्र में दुर्गा मूर्ति का विर्सजन, जीयुतिया का व्रत महिलाओं द्वारा किया जाता है। इसके अलावा देव दिवाली पर गायत्री परिवार की ओर से दीपोत्सव का कार्यक्रम किया जाता है।
कस्बावासियों का आरोप है कि सरोवर में पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा निर्मित नाला का गंदा पानी सरोवर में बहाया जा रहा है। जिससे सरोवर का पानी पूरी तरह दूषित और संक्रामित होगया है। इससे बनवासी बस्ती के बच्चे और महिला सहित अन्य लोगों को संक्रामक रोग होने का खतरा मडराने लगा है। दुर्गा पूजा सेवा समिति की ओर से मूर्ति विसर्जन दूषित पानी के बजाय टिमिलपुर स्थित दूसरे पोखरे में मूर्ति विसर्जन व डाला छठ महापर्व व देव दिवाली से पूर्व सरोवर की साफ सफाई कराने की मांग किया है। व्यापारियों ने प्रशासन द्वारा पीडब्ल्यूडी की नाला बंद कराने व सरोवर को दूषित होने से बचाने की मांग किया है। जबरजस्ती दबाब डालने पर धरना प्रदर्शन की चेतावनी दिया है। इस बाबत एसडीएम अनुपम मिश्रा ने बताया कि परंपरागत ढ़ग से मूर्ति का विसर्जन किया जायेगा। स्वेच्छा से मूर्ति विसर्जन कर सकते है।

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