रिपोर्टर/अमित कुमार सकलडीहा आस्था का केन्द्र सैकड़ों वर्ष प्राचीन शिव सरोवर में गंदा नाला सीवर का पानी पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा ईंजन लगाकर बहा दिये जाने से सरोवर दूषित होगया है। भारी दुर्गंध से सरोवर के पास रहने वाले दर्जनों परिवार का जीना दूभर होगया है। जिसे लेकर कस्बावासियों ने जमकर विरोध किया। सरोवर की समस्या को लेकर केन्द्रीय मंत्री व सांसद से भी ग्रामीणों ने अवगत कराया। इस क्रम में मंगलवार को बीडीओ केके सिंह सरोवर पहुंचकर निरीक्षण किया। सचिव को साफ सफाई शुरू कराने का निर्देश दिया।
कस्बा के प्राचीन शिव सरोवर के समीप प्राचीन दुर्गा मंदिर, संतोषी माता का मंदिर ,भगवान भोलेनाथ का मंदिर, हनुमान और राधा कृष्ण का मंदिर व गायत्री परिवार का कथा स्थल है। मंदिर के समीप सैकड़ों वर्ष पुराना प्राचीन शिव सरोवर है। जहां सुबह शाम महिलायें पूजा अर्चना के साथ उक्त सरोवर पर छठ पूजा,देव दिवाली,गायत्री परिवार की ओर से भक्ति संध्या कार्यक्रम का आयोजन होता है। इसके अलावा अन्य धार्मिक कार्य होता रहता है।
बीते दिनों पीडब्ल्यूडी विभाग की ओर से गंदा नाला का दूषित पानी ईंजन लगाकर पाइप द्वारा सरोवर में बहा दिया गया। जिसे लेकर ग्रामीणों ने जमकर विरोध किया। समस्या को लेकर सांसद को भी अवगत कराया। एसडीएम के निर्देश पर बीडीओ केके सिंह सरोवर पर पहुंचकर पानी निकासी को लेकर निरीक्षण किया। बीडीओ के के सिंह ने बताया कि बुधवार को ईंजन लगाकर दूषित पानी निकाला जायेगा। इस मौके पर सचिव गणेश यादव, प्रधान प्रतिनिधि अशोक कुमार, भवेश त्रिपाठी, महेन्द्र गुप्ता सहित अन्य रहे।

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