रिपोर्टर/अमित कुमार सकलडीहा वर्षो से धरहरा से अमावल से होकर रेलवे स्टेशन जाने वाली मार्ग अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है। दर्जनों गांवों के ग्रामीणों को मिट्टी की सड़क से आवगमन करने को विवश है। जबकि बरसात में पैदल चलना भी दूभर हो जाता है। जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों के यहा कई बार गुहार लगाया। समस्या का समाधान नही होने पर ग्रामीणों ने विरोध जताया है। चेताया कि जल्द सड़क नही बनी तो बड़ा आंदोलन किया जायेगा।
धरहरा से अमावल होते सकलडीहा रेलवे स्टेशन जाने वाला मार्ग करीब डेढ़ किलोमीटर आज भी मिट्टी की है।इसमे जगह-जगह गड्ढे में पानी भरा है। बरसात के दिनों में इस पर पैदल भी नही चला जा सकता। दर्जनों गांवों के सैकड़ो लोगों के अलावा धानापुर व कमलापुर क्षेत्र के लोग करीब 15 किलोमीटर अतिरिक्त चलकर सकलडीहा स्टेशन पर ट्रेन पकड़ने के लिए जाते है।वही इस मार्ग पर धरहरा मड़ई गांव स्थित है। जिसकी आबादी हजारों की है। जिसमें आधी आबादी अनुसूचित जाति के लोगो की है।बरसात के दिनों में इनलोगो का घरों से निकलना मुश्किल हो जाता है।बाजारों व कस्बों से इनका संपर्क खत्म हो जाता है। सबसे अधिक परेशानी महिलाओ,बच्चो व मरीजो को होती है। बीमार होने पर यह लोग चारपाई से मरीज को अस्पताल लेकर जाते है। वही बच्चो का स्कूल वाहन भी नही पहुँच पाता है।अलियार,जगदीश,छब्बी राम,संत लाल,मिंटू सिंह ने कहा कि चुनाव आते ही नेता सड़क निर्माण का दंभ भरते है।परंतु चुनाव बीतते ही वह इसे भूल जाते है।चेताया कि मार्ग का निर्माण नही हुआ तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।




कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें