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मंगलवार, 3 अक्टूबर 2023

सबसे उत्तम व सबसे बड़ी समाज सेवा रक्तदान सेवा.डॉ0अनिल कुमार

रिपोर्टर/अमित कुमार चन्दौली एसपी डा0 अनिल कुमार ने गांधी जयंती के अवसर पर मानवता की एक नई मिशाल पेश की है, खुद रक्तदान कर एक नई पहल का आगाज भी किया है। कहावत सही है जाके पांव न परे बेवाई वो का जाने पीर पराई इस दोहे का अर्थ खून के महत्व पर सटीक बैठता है। खून की कीमत सिर्फ वही समझ सकता है जो उसकी कमी या जरूरत से गुजरा हो। इसी का महत्व समझाने और आमजन को रक्तदान के लिए प्रेरित करने के लिए पुलिस अधीक्षक चन्दौली डा0 अनिल कुमार के निर्देशन में चन्दौली पुलिस द्वारा जन सेवा के उद्देश्य से स्वैच्छिक रक्तदान की एक नई पहल शुरू की गई है।

इसके तहत चन्दौली पुलिस द्वारा प्रत्येक माह में एक दिन जनपद के अलग-अलग सर्किल में स्वैच्छिक रक्तदान शिविर आयोजित किया जाएगा।गांधी जयंती के अवसर पर शुरू हुए अभियान का पहला शिविर क्षेत्राधिकारी कार्यालय पीडीडीयू नगर में आयोजित हुआ। जिसमे पुलिस अधीक्षक चन्दौली डा0 अनिल कुमार, उपजिलाधिकारी पीडीडीयू नगर, क्षेत्राधिकारी पीडीडीयू नगर, क्षेत्राधिकारी सकलडीहा व क्षेत्राधिकारी क्राइम/लाइन, प्रभारी निरीक्षक बबुरी, थानाध्यक्ष महिला थाना, उ0नि0 व आरक्षीगण, विभिन्न इलेक्ट्रॉनिक एवं समाचार पत्रों के पत्रकार बंधु, समाजसेवी, काफी संख्या में नवयुवक/जागरूक व्यक्तियों द्वारा रक्तदान किया गया। समस्त रक्तदाताओं को उत्साहवर्धन हेतु प्रशस्ति-पत्र तथा पुलिस कर्मियों को इसके साथ ही एक दिवस का रिवार्ड लिव दिया जा रहा।

शिविर का उद्घाटन करते हुए पुलिस अधीक्षक डा0 अनिल कुमार ने कहा कि रक्तदान मानव जीवन की रक्षा में सहायक होता है। यह एक पुण्य का कार्य है। रक्तदान एक ऐसा महादान है, जिससे किसी को नया जीवन मिल सकता है। समाज के एक जागरुक और जिम्मेदार नागरिक होने के नाते सभी को रक्तदान करना चाहिए। नियमित रूप से रक्तदान करने से शरीर में संचित आयरन की मात्रा में कमी आती है। जिससे हार्ट अटैक का जोखिम कम होता है साथ ही शरीर में नई कोशिकाएं बनने में मदद मिलती है। रक्तदान करने के 48 घंटे के भीतर शरीर बोनमैरो के साथ मिलकर नया रक्त पुनः बना लेती है। हमारे द्वारा किए गए रक्तदान से किसी को नया जीवन मिल सकता है। सड़क दुर्घटना के साथ ही अन्य घटनाओं में घायल मरीज हो या फिर गर्भवती महिलायें और हीमोफीलिया, थैलेसीमिया से ग्रसित बच्चें। इनको खून की जरूरत होती है। सबसे ज्यादा परेशानी तब होती है, जब इलाज के दौरान समय पर खून नहीं मिल पाता है।

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