रिपोर्टर/अमित कुमार सकलडीहा आस्था का केंद्र सैकड़ों वर्ष प्राचीन शिव सरोवर गंदगी के अंबार से पटा पड़ा हुआ है। इसके बाद भी ब्लॉक प्रशासन की ओर से सरोवर की साफ सफाई को लेकर रोस्टर जारी नही होने पर साफ सफाई कार्य अधर में लटका हुआ है। आगामी दिनों दिवाली और डाला छठ महापर्व होने के बाद भी विभागीय अधिकारी अनजान बने हुए है। जिला प्रशासन से समस्या का निजात दिलाने की मांग किया है। चेताया कि समस्या का समाधान नही होने पर कस्बावासी आन्दोलन के लिये मजबूर होंगे।
मुख्यमंत्री पयर्टन सवंर्धन योजना के तहत चयनित कस्बा की प्राचीन शिव सरोवर व मंदिर आस्था का केन्द्र है। मंदिर के पास प्राचीन दुर्गा मंदिर, संतोषी माता का मंदिर ,भगवान भोलेनाथ का मंदिर, हनुमान और राधा कृष्ण का मंदिर व गायत्री परिवार का कथा स्थल है। मंदिर के समीप सैकड़ों वर्ष पुराना प्राचीन शिव सरोवर है। जहां सुबह शाम महिलायें पूजा अर्चना के साथ उक्त सरोवर पर छठ पूजा,देव दिवाली,गायत्री परिवार की ओर से भक्ति संध्या कार्यक्रम किया जाता है। इसके अलावा अन्य धार्मिक कार्य होता रहता है। बीते दिनों पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा शिविर का गंदा पानी सरोवर में बहा दिया गया। इसी दूषित पानी में विरोध के बाबजूद दुर्गा प्रतिमा का विसर्जन करा दिया गया। सरोवर से चारों ओर उठ रहे बदबू और दूषित जल को लेकर ग्रामीणों ने विरोध शुरू किया। सांसद के निर्देश पर दूषित पानी निकासी का कार्य शुरू होगया । लेकिन ब्लॉक प्रशासन द्वारा साफ सफाई के लिये रोस्टर जारी नही करने पर साफ सफाई कार्य अधर में लटका हुआ है। सरोवर के घाटों पर कूड़ा करकट का अंबार पड़ा हुआ है। जिसे लेकर कस्बावासियों में आक्रोश है। व्यापारियों ने समस्या का समाधान नही होने पर आन्दोलन की चेतावनी दिया है।


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