रिपोर्टर/अमित कुमार सकलडीहा तेनुअट गांव में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के दूसरे दिन शनिवार को कथा वाचक भागवत भूषण डॉक्टर श्रवण दास जी द्वारा व्यक्ति के अच्छे कर्म के बारे में विस्तार से जानकारी दिया गया। इस मौके पर भगवान के आरती व पूजन के भक्तों में प्रसाद वितरण का कार्यक्रम किया गया। संगीतमय कथा से श्रोता आत्मविभोर हो गए और खूब कथा का आनंद लिया।
उन्होंने ने कहा कि व्यक्ति के अच्छे कर्म उसे अच्छे कार्य को प्रेरित करते हैं। उसी के द्वारा भगवान का सानिध्य मिलना संभव है। उन्हीं कर्मों का फल लोग पाते हैं। गलत कुकर्मों का भोग मरने के बाद भी भोगना पड़ता है। प्रेत योनि में भी यातनाएं सहनी पड़ती है। जो भी लोग निरामिस प्रवृत्ति के होते हैं । वह जीते जीते भी लोगों को कष्ट देते हैं और मरने के बाद भी उनको कष्ट भोगना पड़ता है। इसलिए गोकर्ण की भांति सद्कर्म करना चाहिए। कुकर्मो को सपनों में भी नहीं सोचना चाहिए। कथा व्यास जी के साथ संगत करने में हारमोनियम पर कमलेश चौबे ,आर्गन पर अजीत सिंह, तबला पर मनोज कुमार मिश्रा तथा पैड पर अजय दूबे आदि कलाकारों ने माहौल पूरी तरह से भक्ति कर दिया,लोग झूमने को मजबूर हो गए। इस मौके पर श्रीमद भागवत कथा के मुख्य श्रोता संत सुनील मिश्र, रमाकांत पांडेय, राजीव दीक्षित,सुमंत चौबे,राजेश दीक्षित, संतोष पांडेय, अशोक पांडेय, संजय पांडेय, रवि शंकर पांडेय, रमाकांत पांडेय, शिव पूजन पांडेय, राधा रमन पांडेय,अमित पांडेय, विपिन चौबे, पुतुल दीक्षित,अनिरुद्ध मिश्रा,अरविंद मिश्रा, अश्विनी मिश्र सहित गांव के भारी संख्या में पुरुष एवं महिला शामिल रहे।
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